ट्रैफिक कैसे बढ़ाये | traffic kaise badhaye

ब्लॉग पर ट्रैफिक कैसे बढ़ाये | blog par traffic kaise badhaye

Namaskar Vachakmitro.

Swagat hai aapka ek aur mazedaar lekh mein jis mein hum baat karenge ki aap apne website ya blog par traffic kaise badhaye, aur wo bhi koi paid traffic nahi balki organic traffic.

अब आप सभी को यह पता ही होगा की आर्गेनिक ट्रैफिक आपके वेबसाइट पर सर्च इंजन जैसे की गूगल, बिंग हो गए, वही भेज पाएंगे। अब इन सारे सर्च इंजन में ज़्यादातर लोग गूगल का इस्तेमाल करते है। इसका मतलब यह है की ज़्यादा ट्रैफिक गूगल के पास है। तो अगर आप चाहते हो की गूगल आपकी वेबसाइट पर ज़्यादा ट्रैफिक भेजे, तो आपको गूगल की नज़रो में अपनी वेबसाइट या ब्लॉग की विश्वसनीयता को बढ़ाना होगा। इसे seo की भाषा में सब वेबसाइट अथॉरिटी (website authority) कहते है। आपने इसके बारेमें ज़रूर सुना या पढ़ा होगा।

Table of Contents

गूगल क्यों आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक भेजेगा? | Why would google send traffic on your website?

गूगल रैंकिंग कैसे काम करता है यह बोहत सारे लोगो ने समझाया है। पर यह सारी बाते लोग अपने अनुमान से ही बताते है। क्योंकि गूगल किसीको भी यह नहीं बताता है की गूगल रैंकिंग (Google ranking) कैसे काम करता है। गूगल कैसे काम करता है यह मैं अपनी समज और अनुभव या फिर यह कह लीजिये की मैंने जो सीखा है उसी को आधार रख कर आपको कुछ बाते समझानेवाला हूँ।

कुछ बुनियादी बाते

  • गूगल की कमाई होती है विज्ञापन (advertisement) से। लेकिन लोग गूगल पे विज्ञापन देने या फिर विज्ञापन देखने या पढ़ने नहीं आते। लोग आते है क्योंकि लोगो को गूगल पे भरोसा है।
  • और इसी भरोसे को और भी मज़बूत करने के लिए गूगल अपने अल्गोरिथम (algorithm) को अपडेट करता रहता है। आपने सुना ही होगा जैसे पांडा, पेंगुइन, हुंमिंगबर्ड, वगैरा वगैरा।
  • यह इस लिए होता है क्योंकि गूगल कॉपी पेस्ट वाली वेबसाइट है, उनको अपने रैंकिंग से बहार निकलता है और नए और नवीनतम कंटेंट वाली वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग को बढ़ाता है। यह इसलिए होता है की जब भी यूजर गूगल सर्च में ‘same search query’ डालके सर्च करता है तब यूजर को कुछ सामयिक अंतराल के बाद अप्रचलित या पुराना कंटेंट (outdated content) न मिले।

ऊपर मैंने जो भरोसे की बात करि है, उसी को SEO एक्सपर्ट्स ऑथॉरिट कहते है।

ऊपर मैंने जो बुनियादी बाते बताई है, उससे हम कुछ निष्कर्ष पर आ सकते है। जैसे की:

  • गूगल आपकी वेबसाइट या ब्लॉग पर ट्रैफिक भेजना चाहता है। उसमे गूगल का ही फायदा है। ऐसा करने से गूगल अपने यूजर को नया और नवीनतम कंटेंट दे पायेगा। आपको ज़रुरत है वेबसाइट की अथॉरिटी को बढ़ाने की।

वेबसाइट की अथॉरिटी को कैसे बढ़ाये | How to increase website authority

यहाँ पर मैं DA (Domain authority) और PA (Page Authority) की बात नहीं कर रहा हूँ। मुझे पता है की यह दोनों moz के मापदंड है। ऐसा ही और एक मापदंड है जो DR (Domain Rating) के नाम से जाना जाता है। यह ahrefs का है। यहाँ पर हम इनमे से किसी के बारे में भी बात नहीं कर रहे है।

हम यहाँ पर बात करेंगे गूगल आपकी वेबसाइट पर भरोसा कैसे करे। आप इन ३ चीज़ो को ध्यान में रखे:

  1. आर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ाने की तकनीक।
  2. इसको अपने on page optimisation और off page optimisation के साथ साथ करना है।
  3. रैंकिंग में बने रहने की तकनीक।
  • निचे या फिर माइक्रो निचे | Micro niche
  • सर्च क्वेरी सोलुशन | Search query solution
  • नया और नवीनतम कंटेंट | New and unique content
  • ट्रेंडिंग टॉपिक | Trending topics
  • ऑउटडेटेड कंटेंट और टॉपिक | Outdated content and topic

निचे या फिर माइक्रो निचे | Micro niche pe likhe aur blog par traffic kaise badhaye

micro niche par likhe aur traffic badhaye
micro niche par likhe aur traffic badhaye

निचे (Niche) की पसंदगी बेहद ही महत्त्वपूर्ण है अगर आप ब्लॉग्गिंग को अपना करियर बनाके उससे पैसा कामना चाहते हो।

कुछ समय पहले गूगल ने अपना अल्गोरिथम अपडेट किया था। वैसे तो गूगल हर थोड़े थोड़े समय पे अपने सर्च इंजन को अपडेट करता है, पर यहाँ मैं ‘hummingbird update’ की बात कर रहा हूँ।

इस अपडेट के बाद वो सारे वेबसाइट्स जिनका कंटेंट अलग अलग निचे (niche) में बंटा हुआ था, उनके गूगल रैंकिंग्स और ट्रैफिक दोनों में काफी गिरावट हुयी है। कुछ वेबसाइट का हाल ये हुआ पड़ा है की ‘Hummingbird update’ से पहले वो पहले ३ सर्च रिजल्ट्स में आते थे और अब तीसरे पेज पर भी नहीं आ रहे है।

Hummingbird अपडेट के बाद गूगल माइक्रो निचे वाली वेबसाइट को ज़्यादा अहमियत दे रहा है अपने सर्च रिजल्ट्स के रैंकिंग में। तो हम यह मान सकते है की गूगल को अब ऐसी वेबसाइट्स को अपने सर्च रिजल्ट्स में रैंक करवाना है जो किसी एक विषय पर विस्तार से बताती हो और उस विषय में वो वेबसाइट की महारथ हो। गूगल सर्च रिजल्ट्स अब माइक्रो निचे (micro niche) पे ज़्यादा ध्यान दे रहा है।

अगर आपको गूगल से आर्गेनिक ट्रैफिक चाहिए तो सबसे पहले आप अपने वेबसाइट का निचे (विषय) को देखिए। आप अपने सभी पोस्ट या आर्टिकल के फोकस कीवर्ड का लिस्ट बनाइये। और फिर सभी कीवर्ड्स को आप एक विषय मैं बाँट दीजिये। अगर सारे कीवर्ड्स का एक ही विषय आता है, तो आपकी वेबसाइट एक ही निचे पे है। अगर आपको अलग अलग विषय दीखते है, तो आपको अपने कंटेंट पे ध्यान देने की ज़रुरत है।

अगर आप कोई वेबसाइट नया बनानेवाले हो या फिर आपका वेबसाइट नया है या फिर छोटा है, बोले तो २० – २५ आर्टिकल वाला है तो आप और एक काम कीजिये। आप अपने निचे (niche) में भी एक माइक्रो निचे (micro niche) पे काम करना शुरू कीजिये।

सर्च क्वेरी सोलुशन | Search query solution

search query solution se traffic kaise badhaye
search query solution se traffic kaise badhaye

ज़्यादातर लोग एक ही दिशा में दौड़ रहे है। बोले तो SEO, backlinks और keywords. भाई, यूजर जो गूगल में सर्च करता है उसके सलूशन देने की तो कोई बात ही नहीं कर रहा है। मैं आपको उदहारण दे के समझाता हूँ।

उदहारण १:

  • अगर कोई यूजर गूगल में ‘रूप तेरा मस्ताना गाने के बोल’ करके सर्च करता है तो उसे पहला लिंक आपके वेबसाइट का मिलता है और आपने बोहत ही अच्छी तरह से उस गाने के बोल को लिख रखा है। यूजर आपके वेबसाइट पे आएगा, कंटेंट को पढ़ेगा और एक अच्छे अनुभव के साथ आपकी वेबसाइट से जायेगा।
  • अब यह मानिये की एक दूसरा यूजर गूगल में ‘lyrics of the song roop tera mastana’ सर्च करता है और उसे आप ही के वेबसाइट का लिंक दीखता है। वो आपके वेबसाइट पर आता है पर उसे यहाँ गाने के बोल हिंदी में लिखे हुए मिले। वो ढूंढ रहा है अंग्रेजी में। जब ऐसा होता है तब आपकी वेबसाइट का bounce rate बढ़ता है। जितना ज़्यादा आपका बाउंस रेट होगा उतनी ही ज़्यादा सम्भावना है की आपकी वेबसाइट रैंक नहीं करेगी।
  • इस उदाहरण में देखे तो कीवर्ड रिसर्च भी किया है, कीवर्ड ऑप्टिमाइजेशन किया है और बैकलिंक्स तो बोहत सारे बनाये है। पर ट्रैफिक नहीं आ रहा है।
search query solution: traffic kaise badhaye
search query solution: traffic kaise badhaye

कुछ बाते मेरे अनुभव से

  • ऊपर मैंने जो उदाहरण बताया वो ‘Search Engine Optimization (SEO)’ पे भी लागु होता है। कहने का मतलब यह है की अगर आपको सिर्फ ज़्यादा सर्च वॉल्यूम दिख रहा है तो आप अपने कंटेंट को गलत तरीके से ऑप्टिमाइज़ न करे।
  • इसका अलावा आप अपने कंटेंट को ऐसे भी न बताये की जिससे यूजर की समस्या का समाधान न हो।
  • निचे मैंने अपना Google Analytics का Dashboard शेयर किया है। मैं आपको इस वेबसाइट का नाम नहीं बता पाउँगा। इसके लिए क्षमा चाहता हूँ। पर आप इस वेबसाइट का बाउंस रेट देख सकते हो। और मेरा यह बाउंस रेट लगातार इसी के आस पास आ रहा है।
Bounce rate: Traffic kaise badhaye
Bounce rate: Traffic kaise badhaye

अस्वीकरण: जब मैं यह आर्टिकल लिख रहा हूँ तब अमित तिवारी ने यह वीडियो प्रकाशित किया है। इस वीडियो में उन्होंने Keyword grouping या keyword clustering के बारे में बताया है। यह तकनीक और मेरी तकनीक में बोहत सारी समानता है। Video link

नया और नवीनतम कंटेंट | New and unique content

Get more website visitors with new and unique content
Get more website visitors with new and unique content

सबसे ज़्यादा लोग यहाँ परेशान होते है। नया और नवीनतम कंटेंट लिखने की चाह में लोग मंगल पे विमान उड़ा रहे है। पर यहाँ पर भी कोई उनसे पहले पहुंच गया है।

इसी के चक्कर में लोग AI based content writing tool का इस्तेमाल करते है। यह टूल्स ऐसा ऐसा लिखते है की उसको समझने में बोहत ही ज़्यादा दिक्कत आती है। इससे से वाचक या यूजर का अनुभव बोहत की ख़राब हो जाता है जिसकी वजह से वेबसाइट का बाउंस रेट बढ़ जाता है। और तो और, गूगल का अल्गोरिथम ऐसे कंटेंट को तुरंत ही पहचान लेता है और ऐसी वेबसाइट कभी भी रैंक नहीं करेगी। कुछ लोग बोलते है की ऐसे टूल्स को आप समझदारी से इस्तेमाल करे। पर भाई, गूगल बोहत ही शाणा है। हो सकता है की गूगल ऐसी वेबसाइट को तुरंत न पकड़ सके पर पकड़ेगा ज़रूर।

नई सामग्री की आवृत्ति | Frequency of new content

Naya content likh kar traffic kaise badhaye
Naya content likh kar traffic kaise badhaye

गूगल का अल्गोरिथम ‘फ्रेश कंटेंट (fresh content)’ को प्राथमिकता देता है। अगर आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर नियमित रूप से नया कंटेंट डालते हो और साथ ही पुराने कंटेंट को अपडेट करते हो, तो आपको अपनी वेबसाइट के ट्रैफिक में फर्क ज़रूर दिखेगा।

नया कंटेंट लिखने से आप प्रतिस्पर्धा से काफी आगे निकल जाओगे। अगर आपने कुछ ऐसा लिखा है जो आपसे पहले किसी ने भी नहीं लिखा, तो गूगल आपकी वेबसाइट को बोहत ही ज़्यादा अहमियत देगा।

आपको बैकलिंक्स बनाने के लिए ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

तकनीकी ऑप्टिमाइजेशन | Backend or technical optimization

website ko optimize karke traffic kaise badhaye
website ko optimize karke traffic kaise badhaye

गूगल का अलगोरिथम सिर्फ आपके वेबसाइट का कंटेंट ही नहीं पर आपकी पूरी वेबसाइट को तकनीकी तौर पे भी जाँचता है।

अगर आपके वेबसाइट पे कोई ‘broken links’ है, अगर आपके वेबसाइट पे कोई ‘401 error’ आ रहा है, तो उसे ठीक कीजिये। आपने वेबसाइट (पेज या फिर आर्टिकल) पे जितने भी एलिमेंट्स डाले है उनको जाँच लीजिये की वो सही से काम करते है की नहीं।

अपनी वेबसाइट की ओनरशिप को गूगल सर्च कंसोल (गूगल वेबमास्टर टूल्स) में वेरीफाई ज़रूर करले। साथ ही अपने ब्लॉग का sitemap उसमे दाल दे। अगर आपको इसके बारे में नहीं पता है तो आप यूट्यूब पर देख लीजिये। बोहत सारे लोगो ने इसपे वीडियो बना रखा है।

ऐसा न करने पर आप गूगल के अल्गोरिथम को यह संकेत दे रहे हो की यह वेबसाइट पे आपने काम करना बंद कर दिया है और आप इसपर आगे भी काम नहीं करोगे।

backlinks banakar traffic kaise badhaye
backlinks banakar traffic kaise badhaye

गूगल के अल्गोरिथम का भरोसा अगर आपको जितना है तो आपको अपने आर्टिकल के लिए बैकलिंक्स बनाने भी होंगे और दुसरो के द्वारा प्रकाशित किये गए कंटेंट को लिंक भी देना होगा।

अब हम ‘dofollow backlinks‘ और ‘nofollow backlinks’ के दौर से काफी आगे निकल चुके है। आज के समय में आपको बैकलिंक्स बनाते वक़्त ‘कंटेंट रेलीवेंसी (content relevancy)’ पे ज़्यादा ध्यान देना चाहिए। अगर कोई बोहत ही high DA, high PA, high DR वाले फिटनेस ब्लॉग से आपके SEO ब्लॉग को लिंक मिलता है तो गूगल यह समाज लेगा की आपने सही तरीके से बैकलिंक नहीं लिया है।

कुछ महत्त्वपूर्ण बाते | Few important points

  • कुछ और भी तरीके है जैसे की influencer promotion, social media promotion, paid advertising, guest post, वगैरा। पर क्योंकि इन सब विषयो सीधा सम्बन्ध आपके ब्लॉग के कंटेंट से नहीं है। और मेरा यह मानना है की आपको सबसे पहले अपने कंटेंट को एकदम बढ़िया बनाना है।
  • इसमें मैंने जो भी बताया है उसके साथ साथ आपको अपने on-page SEO और off-page SEO पर भी काम करना है।

Is article mein maine traffic badhane ke jitne bhi tareeko ke baare mein bataya hai, wo saare ke saare aapki website ya blog se jude huye hai. Social media ka istemaal karke traffic kaise badhaye, iske upar maine alag se ek article likha hai. jaise hi publish hoga, uska link aapko yahan par mil jayega.

अस्वीकरण:

यह वेबसाइट पे मैं आपको जो भी कुछ बता रहा हूँ उसका आधार मैंने जो सीखा है और मेरा जो अनुभव है, वो है। मुझे पूरा यकीन है की अगर आप भी यह तकनीक से काम करेंगे तो आपको भी सफलता ज़रूर मिलेगी। मैं यह नहीं कह रहा हूँ की आप सिर्फ और सिर्फ मेरे बताये हुए रस्ते पे चले। आप जो कर रहे है उसके साथ यह तकनीक का इस्तेमाल करे। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है तो कृपया करके निचे टिप्पणियों में अपनी राय ज़रूर दे। आप मेरा संपर्क यहाँ पर भी कर सकते है।

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