ब्लॉग पोस्ट लिखने के लिए टिप्स | Tips for writing blog posts

Tips for writing blog posts | ब्लॉग पोस्ट लिखने के लिए टिप्स

Tips for writing blog posts article mein maine wo saari tips aapko batayi hai jisse aapke blog par traffic badhega aur aapki kamai bhi badhegi.

नमस्कार वाचक मित्रो। आप सभी का एक और लेख में मैं आपका स्वागत करता हूँ। तो चलिए, शुरू करते है।

अपनी बात शुरू करू इससे पहले मुझे यह लगता है की इस विषय का आप सभी को मोटे मोटे तौर पे परिचय देना उचित होगा। यह सिर्फ और सिर्फ मेरा परिप्रेक्ष्य है।

इस बातमें कोई दो राय नहीं है की इंटरनेट से, जल्दी से कम पैसा लगाकर अगर पैसा कामना है, तो ब्लॉग लिख कर या फिर यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर के कमाने का सबसे आसान और असरकारक तरीका है। यह बात बोहत सारे लोग जानते है और इसी कारणवश हम देखते है की नए ब्लॉग की संख्या बोहत ही ज़्यादा बढ़ गयी है। पर क्या आपको पता है की जो नए ब्लोग्स आते है उनमे से ज़्यादातर ब्लोग्स के पास ना ही तो कोई ट्रैफिक आता है और ना ही उन ब्लोग्गेर्स की कोई कमाई होती है।

मैंने ऐसे ही विषय पर ३ और लेख लिख रखे है। अगर आप उनके शीषर्क पढ़ेंगे तो आपको लगेगा की वो तीनो एक समान है, पर ऐसा नहीं है। यह लेख पढ़ने के बाद कृपया करके आप बाकि तीनो लेख को भी पढ़े। इसके लिंक्स मैंने निचे दे रखे है।

  1. लेख लिखने के लिए विषय | Topic for article writing
  2. किसी भी विषय पर आर्टिकल लिखे | Article on any topic
  3. आर्टिकल के लिए दिलचस्प विषय | interesting topic for articles

Blog post kaise likhe : Mera vishleshan | ब्लॉग पोस्ट कैसे लिखे : मेरा विश्लेषण

इस आर्टिकल को मैं ३ बातो को ध्यान में रख कर लिख रहा हूँ।

  1. ट्रैफिक | Traffic
    • अगर इंटरनेट से पैसा कमाने की बात करे तो ट्रैफिक का होना महत्त्वपूर्ण है। ट्रैफिक से ही आपकी कमाई होगी। ट्रैफिक को बढ़ने के लिए आपको SEO करना होगा।
  2. उपयोगकर्ता प्रतिधारण | User retention
    • आपका user retention का ज़्यादा होना बोहत ही ज़रूरी है। यह २ बातो से नापा जा सकता है। Bounce rate और repeat users/visitors
    • Bounce rate जितना कम हो उतना अच्छा है और Repeat users जितने ज़्यादा हो उतना अच्छा है।
    • यह दोनों मापदंड गूगल की अल्गोरिथम में आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी बढ़ने के लिए सहायता करते है।
  3. कमाई | Monetisation
    • आपने अपने लेख को जितना विस्तार से लिखा होगा, उतना ही विज्ञापन देनेवाली जो कम्पनिया है जैसे की google adsense उतना ही उनका अल्गोरिथम आपके कंटेंट को समज पाएंगे और आपकी कमाई भी ज़्यादा होगी।

Mujhe yakeen hai ki yeh article aur upar bataye teeno article ko padhne ke baad aapko pata chal jayega ki aap blog post kaise likhe. SEO friendly blog post kaise likhe yeh samajne ke liye aap mera on page optimisation wala article padhe. uska link main yaha par laga doonga.

Table of Contents

विषय | Topic

Tips for writing blog posts
Tips for writing blog posts : topic

यहाँ मैं कीवर्ड की बात नहीं कर रहा हूँ। मैं विषय के बारे में बोल रहा हूँ। अगर आप बैंक में काम करते है तो आपके लिए उचित विषय यह होगा की आप बैंक की अलग अलग योजनाओ, बीमे की योजनाओ या फिर शेयर बाजार में निवेश करने के बारे में लिखे।

आपको यह काम करने में मज़ा भी आएगा और लोगो को आपकी बात पे भरोसा करने में आसानी होगी। पर यही अगर आप बाइक या फिर कार को रिपेयर कैसे करते है उसके ऊपर लिखते तो आपको थोड़ी मेहनत ज़्यादा ही करनी पड़ेगी।

विषय को पसंद करने के लिए आप अपनी तालीम, पेशेवर अनुभव और विशेषज्ञता का विशेष ध्यान रखे।

लोग अक्सर यह कहते है की काम वो करो जिसमे आपकी रूचि हो। पर अक्सर यह होता है की हमारी तालीम और निपुणता एक विषय में है और हमारी रूचि किसी और विषय में है। ऐसा होने का कारण जिज्ञासा है। तो विषय की पसंदगी आप भावनाओमें आकर न करे, व्यावहारिक रूप से करे।

उदाहरण

उदाहरण के तौर पे बताऊ तो मान लीजिये की आप एक कार मैकेनिक है। आपने इसकी तालीम भी ले रखी है और आपको एम्बेसडर और फ़िएट की गाड़िया रिपेयर करने में महारथ हासिल है। बल्कि लोग तो यह भी कहते है की आपसे अच्छा एम्बेसडर गाड़ी का मिस्त्री और कोई है ही नहीं।

मगर यह भी तो सोचिये की एम्बेसडर गाड़िया है कितनी? और कितने लोग होंगे जो पुरानी खटारा एम्बेसडर को अभी रिपेयर करवाने का सोच रहे होंगे?
अगर आप ने ऐसा ब्लॉग बनाया तो क्या आपको इसमें ट्रैफिक आएगा? जवाब निचे टिप्पणियों में अवश्य दे।

कीवर्ड | Keyword

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Tips for writing blog posts : keyword

यह बोहत ही महत्वपूर्ण है। इसी से गूगल को पता चलेगा की आपने अपना आर्टिकल किस विषय पर लिखा है।

जब आप अपने कीवर्ड्स को पसंद करते हो तो इन बातो का ख्याल रखे।

  • कीवर्ड सर्च वॉल्यूम | Keyword search volume
  • कम्पटीशन | Competition
  • कीवर्ड सर्च कंट्री | Search country
  • भाषा | language

कीवर्ड का सही इस्तेमाल सर्च इंजन ऑप्टिमिसेशन (on page optimisation) का एक हिस्सा है। इसमें और भी चीज़े आती है। इसको ध्यान में रखते हुए मैं और एक आर्टिकल लिखने वाला हूँ। आप से अनुरोध है की आप उसे पढ़े।

उदाहरण

निचे दी गयी इमेज में आप देख सकते है की कैसे एक जैसे कीवर्ड में सर्च वॉल्यूम और कम्पटीशन में फर्क है। अगर कोई नया ब्लॉग या फिर नया ब्लॉगर है तो उसे पहले कीवर्ड पे रैंक करने के लिए बोहत ही ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। यही अगर वही ब्लॉगर दूसरा कीवर्ड इस्तेमाल करता है तो उसे कम मेहनत करनी पड़ेगी।

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tips for writing blog posts

सर्च क्वेरी एंड सोलुशन | Search query and solution

Tips for writing blog posts
Tips for writing blog posts : search query & solution

इस मुद्दे को ज़रा विशेष ध्यान से समझना। इसी से आपके ब्लॉग का user retention बढ़ेगा। अगर आपने इसे अपने ब्लॉग के सभी लेखो में सही से कर दिया तो गूगल को झख मार के आपके ब्लॉग पे ट्रैफिक भेजना ही पड़ेगा।

उदाहरण

अगर कोई यूजर गूगल में जाके यह सर्च करता है ‘हनुमान चालीसा के बोल’ और उसे रिजल्ट में आपकी वेबसाइट का लिंक दीखता है जिसका शीषर्क है ‘हनुमान चालीसा के बोल’, तो वो यूजर आपकी वेबसाइट पे ज़रूर आएगा।

पर जब यूजर आपके वेबसाइट पे आता है तो उसे हनुमान चालीसा के बोल मिलते है पर तमिल भाषा में। जब ऐसा होगा तो यूजर आपकी वेबसाइट पे नहीं रुकेगा और आपकी वेबसाइट का bounce rate बढ़ेगा।

अगर यही पर आपकी वेबसाइट पे हनुमान चालीसा के बोल हिंदी में मिल जाते तो वो यूजर आपके वेबसाइट पे कुछ समय के लिए रुकता।

हो सकता है की अगली बार वो आपकी वेबसाइट पे सीधा ही सर्च बार में आपके वेबसाइट का नाम या लिंक डाल के सीधा ही आजाये। जब ऐसा बोहत सारे लोग करते है अलग अलग ip एड्रेस से तो आपके वेबसाइट की ब्रांड वैल्यू बढ़ती है। यह गूगल की अल्गोरिथम को ये दर्शाता है की :

  • आप जो लिख रहे हो वही यूजर गूगल में जाके सर्च कर रहा है।
  • आपने जो लिख है वो यूजर को पसंद आ रहे है
  • आपके लिखे गए लेख को लोग पढ़ रहे है तो उसमे कुछ तो बात है।

कहने का मतलब यह है की जो भी सर्च क्वेरी है उसका समाधान आप आसान भाषा में सीधी बात कहकर दे, घुमाकर न दे।

– मेरा अनुभव एवम परिपेक्ष्य

रूपरेखा बनाना | Write an outline

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Tips for writing blog posts : write an outline
  • जितने भी मुख्या मुद्दे या पॉइंट्स है उनकी एक सूचि बनाये ताकि आपसे कुछ भी छूट ना जाये।
  • इन मुद्दों को शीषर्क या फिर उपशीषर्क में बाँट दे।
  • इन मुद्दों को एक एक करके विस्तार से लिखिए। जब आप लिख रहे हो तो इस बात का ख्याल रहे की सभी मुद्दों में तार्किक सम्बन्ध बना रहे।
  • रुपरेखा बनाने का फायदा यह होगा की आप मुख्या विषय से भटकोगे नहीं और कोई भी ज़रूरी बात बताना आप भूलोगे नहीं।
  • ध्यान रखे की यह रूपरेखा या फिर सूचि आपकी सहायता के लिए है। इसे पूरी तरह से बदला भी जा सकता है या फिर इसमें छोटे मोटे फेर बदल भी कर सकते है।

उदाहरण

अगर आप यह बता रहे हो की किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट की ओनरशिप को गूगल सर्च कंसोल में कैसे वेरीफाई करेंगे, तो आपको पूरी प्रक्रिया सही क्रम में बतानी होगी। अगर आपके पास पहले से ही एक रूपरेखा बनी हुई है, तो आप कोई भी बात बताना भूलेंगे नहीं।

तेजी से पढ़ने के अनुकूल | Fast reading (Skimming) friendly

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Tips for writing blog posts : fast reading friendly

अगर आपने किसी विषय पे २००० शब्द का लेख लिखा है तो कोई भी वाचक उस lekh का हर एक शब्द नहीं पढ़नेवाला है। वो जल्दी जल्दी में पढ़ेगा। तो जब आप अपने लेख को लिखे तब यह बात को ज़रूर ध्यान में रखे।

कुछ महत्वपूर्ण बाते

  • अपने लेख को H1, H2, H3, जैसे शीषर्क में बाँट दे।
  • अनुच्छेद को छोटा रखे।
  • आप जो वाक्य लिखते है उन्हें भी छोटा रखे और सरल भाषा में लिखे।
  • अपने लेख में विषय से जुड़े या फिर मिलते जुलते फोटो या छवि को ज़रूर लगाए। Infographics का इस्तेमाल जंहा संभव हो वंहा ज़रूर करे।
Tips for writing blog posts
Tips for writing blog posts : Value addition
  • अगर आपकी वेबसाइट सिर्फ एक ब्लॉग है तो आप अपने वाचको को एक सूचि बनाकर दे जिसमे आप ‘__ कैसे करे’ सही क्रम में बताइये। उदाहरण के तौर पे बताऊ तो अगर आपने सारे कीवर्ड रिसर्च टूल का रिव्यु वाला कोई आर्टिकल लिखा है तो उसमे आप एक सूचि बनाकर लिखिए की ‘कीवर्ड रिसर्च कैसे करे?’
  • अगर आपकी वेबसाइट आपके व्यवसाय से जुडी है तो यूजर को बताये की उन्हें आगे क्या करना है या कौनसे पेज पर आगे जाना है। इसके लिए आप उस पेज का लिंक ज़रूर दे। उसे ‘call to action’ कहते है। इसके अलावा आप यह भी बता सकते है की यूजर आपका संपर्क कैसे करे। अगर आप कोई वस्तु या सेवा प्रदान कर रहे है, तो उनका भी लिंक दीजिये।

अपने लेख की जाँच करें | Check your article

Tips for writing blog posts
Tips for writing blog posts : Check for errors

आप जो भी अपने ब्लॉग पर लिखते है, उसे पब्लिश करने से पहले उसकी समीक्षा कर ले। होता यह है की लिखते वक़्त हम भटक जाते है। इसके अलावा टाइपिंग में भी गलतिया हो सकती है। आप इन छोटी मोटी गलतियों को पब्लिश करने से पहले सुधर ले।

समीक्षा में यह भी ध्यान रखे की जो बात आप कहना चाहते थे वो उसी तरीके से आप कह पाए है। अगर ऐसा नहीं है तो पब्लिश करने से पहले आप ज़रूरी फेर-बदल कर ले। ऐसा भी हो सकता है की आपको आर्टिकल के ज़्यादातर हिस्से को एडिट करना पड़े।

ध्यान में रखे की एक २ घंटे की मूवी बनाने के लिए भी ४-५ महीने का वक़्त लगता है और कई बार एडिटिंग होता है। तो अपने कंटेंट को चेक करना और एडिट करना वक़्त की बर्बादी नहीं, समझदारी है।

इस आर्टिकल को मैंने ३ बार चेक किया है। उम्मीद करता हूँ की अब सब ठीक से हुआ होगा। अगर आपको कुछ गलतिया मिलती है तो कृपया करके निचे टिप्पणियों में बताये।

उम्मीद है की आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। कृपया करके अपनी राय निचे टिप्पणियों में जारूर लिखे।
धन्यवाद्।

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