आर्टिकल कैसे लिखे | Article kaise likhe

आर्टिकल कैसे लिखे | Article kaise likhe

अक्सर यह माना जाता है की लिखना, मतलब कुछ अच्छा और अच्छी तरह से लिखना एक कला है। पर यह बात सच नहीं है। लेखनकला एक कौशल है जिसे सीखा जा सकता है और अगर कोई अच्छा गुरु सिखाने के लिए मिले, तो कोई भी इंसान इस कौशल में निपुण बन सकता है।

आप कोई भी आर्टिकल लिखे उसके पहले कुछ सवाल खुद से भी पूछ ले। ऐसे कुछ सवालो की सूचि मैंने निचे दे रखी है। यह सूचि का इस्तेमाल सिर्फ एक मार्गदर्शिका के रूप में करे। अपने आर्टिकल या लेख को ध्यान में रखते हुए यह हो सकता है की आपको इस सूचि में कुछ अन्य सवाल भी जोड़ने पड़े।

Main samajta hoon ki aap ka uddeshya blog ke liye SEO friendly article kaise likhe yeh janane mein hai. Par uske liye sabse pehle aap yeh jaan le ki article ko achhe se kaise likhe.

Table of Contents

आर्टिकल कैसे लिखे के कुछ मापदंड | Article kaise likhe ke kuch mapdand

  • आर्टिकल या लेख कहा प्रकाशित होने वाला है यह बात बोहत ही महत्त्वपूर्ण है। सभी प्रकाशनों की लेखन शैली अलग होती है।
    • क्या यह कोई समाचार पत्र में प्रकाशित होने वाला है?
    • या फिर यह किसी किताब में एक छोटे अध्याय या फिर प्रकरण के रूप में प्रकाशित होने वाला है?
    • या कोई वेबसाइट या ब्लॉग पे आप लिखने वाले हो?
  • आपके वाचक कौन है?
    • अक्सर यह देखा गया है की अगर कोई पुरुष किसी लेख को लिख रहा है तो वो दुनिया को या कोई भी परिस्थिति को एक मर्द की नज़र से देखता है। पर ज़रा सोच के देखिये की अगर उस लेखक के वाचको में महिलाओ का प्रमाण ज़्यादा हो तो!
    • इससे होगा यह की वाचक और लेखक के विचारो में कोई मेल या सहमति नहीं होगी। जिससे वाचक का अनुभव उस लेखक और लेख के प्रति खराब होगा। और वाचक उस लेखक के लेख को दोबारा पढ़ने से हिचकिचायेगा।
  • यह बात ऊपर वाले सवाल से कुछ हद तक जुडी हुयी है। ऊपर मैंने जो कहा इसका मतलब यह ज़रा भी नहीं है की आप सिर्फ वाचको को पसंद आये ऐसा लिखे। पर यह भी जाने की आप सच बताने से कतराए नहीं। अपनी बात कहने से या अपनी सोच को अपने नज़रिये से लिखने में हिचकिचाइए नहीं।
    • यह दोनों बातो को जोड़ के बता रहा हूँ की यहाँ मेरा कहने का मतलब यही है की आप सबसे पहले अपने वाचक को समजिये। फिर उसे जैसी भाषा या शब्दों में समाज में आये ऐसे शब्दों में लिखिए।
  • मर्यादा की सीमा में रहे, हमेशा।
    • अक्सर हम अपनी बात कहते या लिखते हुए भावनाओ में बह जाते है। यह ज़्यादातर होता है जब हम किसी राजनैतिक या सामाजिक परेशानियों या विषयो पर लिखते है। अच्छा लेख लिखने की लगन में और अपने लेखन से कुछ क्रांति लाने की उम्मीद में या फिर उत्तेजना में किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति या कोई संवेदनशील सामाजिक मुद्दे पर अनुचति शब्द का प्रयोग या टिपण्णी कर देते है।
    • ऐसा करने से बचे। अंत में नुकसान आप ही का होगा। मैं यह कदापि नहीं कह रहा हूँ की आप सच कहने से बचे। बस यही बात है की आप मर्यादाओ की सीमा का उल्लंघन ना करे।
  • खुद का मूल्यांकन ज़रूर करे।
    • अक्सर हम खुद को तीसमार खां समाज बैठते है। यह बात खतरनाक इसलिए है क्योंकि ज़्यादातर हमे यह पता नहीं होता है की हम ऐसा कर रहे है। और वाचको को ज़रूर पता लग जायेगा की आप १ नंबर के फेंकू है।
  • अपने लेख के विषय को भी समजे।
    • कहने का भावार्थ यह है की अगर आप कोई मुश्किल विषय पर लिख रहे हो तो कठिन शब्दों का प्रयोग करने से खुद को वंचित रखे। अपनी भाषा को सरल और वाक्यों को छोटा रखे। हर एक मुद्दे को अलग अनुच्छेद में लिखे।
    • वैसे ही अगर आप कोई मनोरंजक बात कहना चाहते हो तो जटिल व्याकरण का उपयोग ना करे।

यह ५ बाते बोहत ही ज़्यादा महत्त्वपूर्ण है। यह किसी भी लेखन के मापदंड को तय करनेके लिए नीव की तरह है।

ब्लॉग के लिए आर्टिकल कैसे लिखे | blog ke liye article kaise likhe

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सबसे पहले आप यह समाज लीजिये की जब भी आप कोई भी आर्टिकल ब्लॉग पे प्रकाशित करने के लिए लिखते है तो उसके ३ वाचक होते है।

  1. इंसान या लेख के असली वाचक
  2. सर्च इंजन जो आप के लेख को अपने वाचको तक पहुंचता है
  3. वाचक के मोबाइल या कंप्यूटर का ब्राउज़र

चलिए, सभी वाचको के परिपेक्ष्य को ध्यान में लेके सभी पे बात करते है।

इंसान या लेख के असली वाचक

इस बात को समझाने के लिए उदाहरण बताता हूँ।

आमिर खान की ३ इडियट्स तो आप ने देखि ही होगी। उसका वो सीन याद कीजिये जब प्रोफेसर साहब ‘मशीन’ की व्याख्या (डेफिनिशन) पूछते है। आपको याद होगा की चतुर कैसे पूरी डेफिनिशन बता देता है और आमिर खान सिर्फ ‘ऊपर-निचे’ बोलता है।

ऐसे मत लिखे। पूरा तरीका मैंने इसी लेख में आगे बताया है।

सर्च इंजन को ध्यान में रखे

सर्च इंजन एक कंप्यूटर प्रोग्राम है।

आपने कोई गहरी तार्किक बात लिखी हो या कोई मनोरंजक चुटकुला लिखा हो, वो सर्च इंजन ना ही तो समझता है और न ही उसे यह समझने की ज़रुरत है।

सर्च इंजन का काम क्या है?
लोग जिस चीज़ के बारे में खोजते है, उसके बारे में जो सर्च इंजन को उचित लगे वैसे लेखो को वाचको या खोजकर्ता तक पहुँचाना।

सर्च इंजन सिर्फ और सिर्फ एक ही चीज़ समझता है अपने किसके बारे में लिखा है। यह करने के लिए वो आपके लेख के structure को समझता है।

ब्राउज़र

आपका ब्लॉग या वेबसाइट ब्राउज़र फ्रेंडली और ब्राउज़र कम्पेटिबल होना चैहिये।

  • आपने कुछ कुछ सरकारी वेबसाइट में यह पढ़ा होगा की वो वेबसाइट इंटरनेट एक्स्प्लोरर में ही खोले।
  • और कई बार यह भी देखा होगा की कोई कोई वेबसाइट को जब आप अपने मोबाइल से खोलते है तो ठीक से नहीं देख पाते हो।

वैसे तो इस बात का सीधा ताल्लुक आपके लेख या आर्टिकल से नहीं है, पर आपके ब्लॉग से है।

एस-इ-ओ फ्रेंडली आर्टिकल कैसे लिखे | SEO friendly article kaise likhe

SEO friendly article kaise likhe
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मैंने आपके लिए कुछ ज़रूरी मुद्दों की सूचि निचे दे राखी है। आपको इन बातो का ख्याल रखना है।

  • सबसे महत्त्वपूर्ण बात – खोजकर्ता या यूजर के सवाल का जवाब देना
    • आपने जिस भी विषय पे आर्टिकल लिखा है एक बात का ज़रूर ध्यान रखे की आप खोजकर्ता के सवाल का जवाब सही और सरल भाषा में दे। अगर आप इस बात का ध्यान नहीं रखते है तो यूजर उस लेख को पढ़े बिना ही चला जायेगा। इससे आपके ब्लॉग का बाउंस रेट बढ़ जायेगा जो अच्छी बात नहीं है।
    • अगर आप किसी मुश्किल विषय पर लिख रहे है तो सबसे पहले किताब की व्याख्या को ज़रूर लिखे। उसका reference भी लिखे।इसके बाद आप उसी व्याख्या को अपनी पर सरल भाषा में समजाये। इसके साथ अगर आप कोई उदहारण दे सके तो ज़र्रोर लिखे।
    • एक बात याद रखे की आपने जो लिखा है वो वाचको को पढ़ने में मज़ा आना चाहिए।
  • सर्च इंजन को समाज में आये ऐसे लिखे
    • सर्च इंजन आपके कंटेंट को H1, H2, जैसे टाइटल टैग्स से समझता है। इसके अलावा सही जगह पे सही इमेज का इस्तेमाल करे। image alt text जैसी जानकारी भी देकर इमेज का SEO भी करे। अपनी बात को छोटे अनुछेदो में लिखे।
  • सही कीवर्ड्स का सदुपयोग करे
    • कहने का मतलब यह है की कीवर्ड रिसर्च करे। कीवर्ड को अलग अलग रूप में इस्तेमाल करे। अधिक मात्रा में कीवर्ड का इस्तेमाल हानिकारक होता है तो इससे बचे।
  • फोंट्स का चयन
    • अटपटे फोंट्स का इस्तेमाल करने से बचे। इससे आपकी वेबसाइट स्लो (धीमी) हो सकती है। इसका सबसे पहला तरीका है की आप जो फोंट्स गूगल की लाइब्रेरी में है, उन्ही को इस्तेमाल करे। फोंट्स को लेकर और भी १ – २ बाते है, पर वो इस लेख से सीधे तौर पे नहीं जुडी है।
  • आपने लिख को पूरी तरह से लिख लेने के बाद उसे गौर से पढ़े। अपनी गलतियों को सुधारे। यह गलतफैमी में मत रहिये की सब सही से लिखा है।

SEO friendly article kaise likhe yeh apne aap mein ek bohat hi pacheeda sawal hai aur iska seedhe taur pe koi ek jawab dena thoda mushkil hai. Maine aapko sari booniyadi baatein batayi hai. isse aapko ek achha sa article likhne mein fayda hoga.

उम्मीद करता हूँ की आपको यह लेख पसंद आया होगा। मैं आपको इसी ब्लॉग पे मेरा ही लिखा हुआ और एक आर्टिकल का सुझाव देना चाहूंगा। इसका शीषर्क है: फ्री में ब्लॉग कैसे बनाये

Is lekh ke baare mein apni ray niche tippaniyo mein zaroor likhe. Isse mujhe pata chalta hai ki main jo likh raha hoon wo aapko pasand bhi aa raha hai ki nahi.

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