ऐडसेंस ने मेरी वेबसाइट को अस्वीकार कर दिया | Adsense rejected my website

ऐडसेंस ने मेरी वेबसाइट को अस्वीकार कर दिया | Adsense rejected my website

अगर आप ब्लॉग्गिंग करते हो तो आपको पता ही होगा पैसा कमाने के ज़रिये में google Adsense का नाम सबसे ऊपर आता है।वो इसलिए क्यूंकि आज की तारिख में गूगल सबसे ज़्यादा उपयोग किये जानेवाला सर्च इंजन है। तो स्वाभाविक है की उसी के पास सबसे अधिक विज्ञापन और उपभोगता (users) भी है।

Google adsense आपकी वेबसाइट या ब्लॉग के उपयोगकर्ताओं को प्रासंगिक विज्ञापन प्रदर्शित करने में बहुत अच्छा है। इसीलिए सभी ब्लोग्गेर्स यह चाहते है की उनकी वेबसाइट को Google AdSense से मान्यता (approval) मिल जाये।

Google AdSense खुद यह कहता है की उनके पास जितने भी आवेदन आते है उनमे से ९०% का अस्वीकार होता है। वो इसलिए क्यूंकि यह सारी वेबसाइटस गूगल की नीति (policy) का उल्लंघन करती है।

आज मैं इस लेख में आपको मेरे अनुभव बतानेवाला हूँ। यह सब मैंने अपने ब्लॉग PositiveQuotes.Info के अनुभव पर आधारित है। आज भी मेरा वो ब्लॉग AdSense से एप्रूव्ड नहीं है। अगर आपने इस लेख में कही गयी बातो को समज लिया तो आपको कभी भी google में Adsense rejected my website करके नहीं खोजना पड़ेगा।

हो सकता है की आपको यह आर्टिकल एक से ज़्यादा बार पढ़ने की ज़रुरत पड़े। तो इसे आप bookmark कर लीजिये। ताकि आप अगली बार आसानी से ढूंढ सके। इसमें बताई गयी सभी बातो को ध्यान से पढ़े और अपनी वेबसाइट में इसका अमल करे।

Table of Contents

Adsense का वेबसाइट अस्वीकार करने के कारण | Reasons why adsense rejected my website

Reasons why adsense rejected my website
Reasons why adsense rejected my website

मैंने आपको समझाने के लिए सभी कारणों को ३ विषयो (categories) में बांटा है। यह सिर्फ और सिर्फ आपको समजने के लिए मैंने किया है।

  • तकनीकी कारण (Technical Reasons)
  • सामग्री नीति उल्लंघन (Content Policy violations)
  • अनुपालन समस्याएं (Compliance issue)

चलिए, अब एक एक करके हर एक विषय पर बात करते है।

तकनीकी कारण (Technical Reasons for website adsense rejection)

  • URL typing error: आपको जिस website पे google Adsense का approval चाहिए उसके url को चेक कीजिये। कही कोई टाइपिंग मिस्टेक या स्पेलिंग मिस्टेक तो नहीं है।
    • उदहारण के तौर पर: www.PositiveQuotes.Info के बदले में www.PosiitveQuotes.Info
  • Goolge search console में आपको अपनी वेबसाइट की ओनरशिप वेरीफाई करनी होगी। यह भी आपकी website adsense rejection का कारण हो सकता है।
  • वेबसाइट वेरिफिकेशन (website verification) के लिए आप अपनी वेबसाइट में Ads.txt फाइल को भी लगा सकते है। यह फाइल आपको से ही मिल जायेगा।
  • Google Adsense के कोड को आप अपनी वेबसाइट के html में लगा दीजिये। यह कोड आपकी वेबसाइट के <head> … </head> टैग्स के बीच में होना चाहिए।
  • आपकी वेबसाइट हर वक़्त live होनी चाहिए। अगर आपके वेबसाइट में ‘website not found’ या फिर ‘website under construction’ का पेज आ रहा है तो आपको Google Adsense approval नहीं मिलेगा।
  • अगर आपने अपनी वेबसाइट में कोई IP ranges या geography restrictions लगा रखा है तो उसे आपको जब तक Google Adsense approval नहीं मिलता है तब तक आपको उसे हटाना पड़ेगा।
  • अगर आपकी website password protected है तो उसे भी आपको कुछ समय के लिए हटाना पड़ेगा। ‘Password protected’ से मतलब यह है की आपकी वेबसाइट में कुछ भी कंटेंट देखने के लिए अगर सबसे पहले लॉगिन करना ज़रूरी है तो उसे आपको अद्सेंसे अप्रूवल तक डिसएबल करना होगा।
    • ऐसा नहीं करने से होता यह की google के crawlers और google के employee, दोनों ही आपकी वेबसाइट को देख नहीं पाएंगे।
    • एक बार आपको google adsense approval मिल जाये तो आप crawler login बना सकते है।
    • आप robots.txt फाइल में क्रॉलर एक्सेस (crawler access) भी बना सकते है। ऐसा करने के लिए आप robots.txt फाइल में निचे दी गयी लाइन्स को हटा दे।

User-agent:mediapartners-Google

Disallow:/

Remove the above lines from robots.txt file
  • आप यह भी चेक आकर लीजियेगा की कही आप अपनी वेबसाइट की robots.txt फाइल में गूगली के क्रॉलर्स को ब्लॉक तो नहीं कर रहे हो।

सामग्री नीति उल्लंघन (Content Policy violations for google adsense declined application)

Content policy violation sabse bada karan hai google adsense declined application ka. Aur agar aapki website adsense rejection ka karan yeh hai to yeh dhoondhna aur thik karna thoda mushkil hai.

google adsense declined application)
google adsense declined application

यहाँ पर मैं website content और content policy violation दोनों के बारे में बात करूँगा।

  • सबसे पहले तो आपकी वेबसाइट में कंटेंट होना चाहिए। अगर ज़्यादा नहीं तो कम से कम आप २० आर्टिकल तो लिखये ही। उसके बाद ही आप अद्सेंसे में अप्लाई करे। होता यह है की अगर आपकी वेबसाइट में कंटेंट नहीं है तो google को पता ही नहीं चलेगा की आपकी वेबसाइट किस बारे में है।
  • आप Adsense के अप्रूवल से पहले जो भी लिखे वो कोई भी एक विषय पर ही लिखे। ऐसा बिलकुल भी मत कीजियेगा की आप थोड़ा बोहत स्वास्थ्य के बारे में लिंखे, १ – २ आर्टिकल आप क्रिप्टोकोर्रेंसी पे लिखे और कुछ लेख आप SEO पे लिखे। अपने ज्ञान की गंगा को अपनी वेबसाइट पे रायते की तरह मत फैलाइये। google को micro niche वेबसाइट पसंद है। अगर आपकी वेबसाइट भी कोई एक niche या micro niche पे है तो आपको adsense approval आसानी से मिल जायेगा।
  • आपकी वेबसाइट का स्ट्रक्चर अच्छा होना चाहिए। कहने का मतलब यह है की यूजर आपकी वेबसाइट को आसानी से नेविगेट कर पाए।
    • अपने जो भी २० आर्टिकल लिखे है उन्हें अलग अलग केटेगरी में बाँट लीजिये। सभी काटेगोरिएस को मेनू में दाल दीजिये।
    • वेबसाइट के मेनू को अच्छे से बनाये।
    • About us अबाउट उस पेज को अच्छे से बनाये। इसमें जितनी हो सके उतनी जानकार दे। आप इस वेबसाइट About Us के पेज को भी देख सकते है।
  • अपने ब्लॉग की comments को ‘ON’ रखना ज़रूरी है। आपको आपके comments को मॉडरेट भी करना पड़ेगा। आपके वेबसाइट पर पब्लिश हुई सभी कमेंट को google वेबसाइट का कंटेंट ही मानता है।

ऊपर मैंने जो भी बात बताई है वो तो आसानी से आप कर लोगे। अब थोड़ी मुश्किल बातो पे आते है।

  • ब्लॉग की भाषा | Blog’s language
    • सबसे पहले तो आप यह चेक कीजिये की आप जिस विषय में ब्लॉग बनाना चाहते हो वो भाषा में google adsense काम करता है। आप इसे यहाँ से चेक कर सकते है : Google Adsense Supported Languages.
    • अगर आप ने अपनी वेबसाइट बनाना शुरू कर दिया है तो आप यह ज़रूर चेक कीजिये की गूगल उसे कौन सी भाषा समज रहा है। सुनने में यह ज़रूर थोड़ा सा अजीब लगेगा पर मेरी एक वेबसाइट www.PositiveQuotes.Info हिंदी में है पर गूगल उसे नेपाली समज रहा है। मैंने इसे गूगल ट्रांसलेट (Google Translate) से चेक किया है। मैंने लैंग्वेज टैग्स भी लगाए है। अब नेपाली भाषा को Google Adsense सपोर्ट नहीं करता है।
  • कंटेंट की लम्बाई | Content length
    • अगर आपके ब्लॉग या वेबसाइट में आर्टिकल का कंटेंट १००० words (शब्द) से कम है तो आपको adsense से approval लेने में दिक्कत आ सकती है। वो इसलिए क्योँकि Adsense यूज़र्स को प्रासंगिक विज्ञापन (relevant Advertisement) दिखता है। तो गूगल को आपके लिखे हुए आर्टिकल को समझने के लिए आपको थोड़ा लम्बा आर्टिकल लिखना ही पड़ेगा। तब जाके वो विज्ञापन दिखा पायेगा।
    • अगर आप की वेबसाइट में एक भी आर्टिकल ६०० शब्द से कम है तो आपको approval नहीं मिलेगा।
  • ब्लॉग का कंटेंट | Blog’s content
    • डुप्लीकेट कंटेंट में आपको Adsense approval नहीं मिलेगा। अगर आपने अपनी वेबसाइट पे कंटेंट को दोहराया (repeat) किया है या फिर आपने अन्य कोई वेबसाइट से कंटेंट को कॉपी पेस्ट किया है तब भी आपको Adsense से approval नहीं मिलेगा।
    • बोहत सारे लोग गाने के बोल (lyrics) की वेबसाइट बना देते है। उसमे भी नया अप्रूवल नहीं मिलता है। क्यूंकि आप उसमे अपना कुछ नया तो दे नहीं रहे हो। जो बाकि सारी वेबसाइट दे रही है उसी कंटेंट को आप कॉपी – पेस्ट करके गूगल को दे रहे हो। पर अगर आप उसमे कुछ वैल्यू एडिशन (Value addition) करते हो तो हो सकता है की आपको अप्रूवल मिल जाये।
  • अद्वितीय सामग्री | Unique content
    • unique content उसे कहते है की जो अब तक किसी ने नहीं बताया है या फिर आपने सबके बताये हुए कंटेंट को बेहतर करके बताया है।
    • उदहारण के तौर पे हम एक cooking Blog की बात करेंगे। देखिये सारे कुकिंग ब्लोग्स करेले की सब्ज़ी बनाना सिखाते है तो आप भी यह बताएँगे तो वो unique नहीं हुआ। Unique तब होगा जब आप करेले का हलवा बनाना सिखाएंगे। यह हो गया पूरी तरह से यूनिक कंटेंट।
    • दुसरो के कंटेंट को यूनिक बनाने का तरीका देखते है। अब सब लोग करेले की सब्ज़ी में करेले की कड़वाहट को शक्कर या गुड़ से कम करने का सिखाते है। पर अगर आपने इसी बात को ऐसे बताया की गुड़ को सब्ज़ी में न डाल के अलग से खाये तो यह आपने दुसरो की बात को अपने तरीके से बताया। गूगलेइसे भी Unique content गिनता है।
  • कंटेंट राइटर | Content writer
    • आज कल बोहत सारे आर्टिकल स्पिनर या फिर AI बेस्ड आर्टिकल जनरेटर टूल्स मार्किट में उपलब्ध है। सभी टूल्स यह दावाकरते है की उनका टूल सबसे यूनिक आर्टिकल लिखता है। पर ऐसा नहीं है। अगर आपकी वेबसाइट पर एक भी ऐसा आर्टिकल है की जो अपने आर्टिकल स्पिनर टूल से लिखा हो तो आपको google Adsense approval नहीं मिलेगा।
    • कुछ अनुभवी ब्लॉगर्स यह भी कहते है की इन टूल्स का इस्तेमाल आप सिर्फ एक आईडिया लेने के लिए करे। पर मैं उससे भी सहमत नहीं हूँ। मेरा यह मानना है की मेरे ब्लॉग पे जो भी आता है वो सिर्फ और सिर्फ मेरे विचारो या मेरे लिखे हुए आर्टिकल्स को ही पढ़ने आता है।
  • प्रतिबंधित या प्रतिबंधित सामग्री | Restricted or banned content
    • google ने बोहत ही सरल और स्पष्ट भाषा में बताया है की वो कौन से कंटेंट को अप्रूवल नहीं देंगे। मैंने इसकी पूरी लिंक यहाँ पर दे रखी है। कृपया करके आप इसे अच्छी तरह से पढ़ लीजिये। Content policies
  • गुणवत्ता सामग्री | Quality content
    • अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री या कंटेंट आपके वेबसाइट के यूज़र्स के लिए अद्वितीय और मूल्यवान अनुभव प्रदान करती है।
  • कंटेंट को लेकर कुछ बेहद ज़रूरी बाते
    • सुनिश्चित करें कि आपकी वेबसाइट पर पर्याप्त कंटेंट हो ताकि Google यह निर्धारित कर सके कि साइट किस बारे में है।
    • अपनी पुरानी सामग्री को अपडेट करें और लगातार नई सामग्री तैयार करें।
    • आपके वेबसाइट पर यूज़र्स के द्वारा लिखी गयी टिप्पणियां (comments) भी आपके वेबसाइट का ही कंटेंट है। उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान दे। अगर कोई ऐसी टिपण्णी करता है जो की google की पालिसी का इल्लंघन करती हो तो उसे हटा दे।
    • क्या आपकी वेबसाइट की पाठ्य सामग्री (text content) पढ़ने में आसान है? अगर नहीं है तो Adsense आपकी वेबसाइट को reject ही करेगा।

अनुपालन समस्याएं (Compliance issue for google adsense application denied)

google adsense application denied
google adsense application denied
  • ज़रूरी पेज बनाये | Publish mandatory pages
    • Privacy policy, cookie policy, disclaimer, terms and conditions, about us और contact us.
    • ऊपर बताये गए सभी Pages को आप ज़रूर बनाये। इसमें सिर्फ ५ मिनट लगने वाले है।
    • आप Cookie Consent Banner को भी ज़रूर लगाए।
  • वेब ट्रैफ़िक की प्रकृति | Nature of web traffic
    • google Adsense के youtube चैनल पर गूगल की टीम के लोगो ने खुद कहा है की अगर आपकी वेबसाइट पे ख़राब ट्रैफिक (bad traffic) है तो आपको Adsense से approval नहीं मिलेगा।
    • उसी वीडियो में उन लोगो ने बोहत ही अच्छे से बताया है की good traffic और bad traffic क्या है।
    • good traffic है वास्तविक अंत उपयोगकर्ता जो एक वास्तविक व्यक्ति है। अगर अंग्रेजी में कहु तो genuine end user who is a real person.
    • bad traffic में आता है bot traffic, clickjacking वगैरा जिसमे अंत उपयोगकर्ता या तो वास्तविक नहीं होता या फिर वास्तविक कारण से आपकी वेबसाइट पर नहीं आता।
  • साइट नेविगेशन | Site navigation
    • आपकी वेबसाइट की कंटेंट को इस तरह व्यवस्थित किया जाना चाहिए कि उपयोगकर्ता आपकी वेबसाइट पर आसानी से नेविगेट कर सकें।
    • Navigational elements (menu) आसान भाषा में वेबसाइट का मेनू सभी डिवाइस पर और सभी ब्राउज़र पर हर बार आना चाहिए और सही जगह पे होना चाहिए। यह तभी होगा जब आप एक अच्छा थीम का इस्तेमाल करोगे। अगर आप wordpress का इस्तेमाल कर रहे हो तो मैं यह कहूंगा की आप generatepress थीम का इस्तेमाल करे।
    • यह सुनिश्चित करे की सभी dropdown menu तथा icons काम करे रहे हो।
    • यह भी जाँच लीजिये की menu में आपने जितने भी लिंक्स लगाए है वो सरे काम कर रहे हो। ऐसा न हो की आपने menu तो बना लिए पर गलती से आप कही लिंक लगाना भूल गए हो।

मैंने ऊपर जितनी भी बाते बताई है वो मेरे अनुभव है। अपनी वेबसाइट को Adsense से approval लेने के लिए मैंने जो भी किया या फिर जिन बातो का ख्याल रखा वो सब मैंने इस लेख में लिखा है।

अगर आप गूगल एडसेंस के यूट्यूब चैनल को देखेंगे तो उसमे हर एक वीडियो में वो लोग कहते है की आपकी वेबसाइट में ३ चीज़े होनी चाहिए। वो है:

  1. नेविगेट करने में आसान | easy to navigate
  2. अद्वितीय सामग्री | Unique content
  3. नीति उल्लंघन | Policy violations

आपको यह आर्टिकल कैसा लगा इसके बारे में निचे टिप्पणियों में अपनी राय ज़रूर दे। इससे मुझे पता लगेगा की आपको मेरी लिखे और मेरा काम कैसा लग रहा है।

उम्मीद करता हूँ की इस लेख में बताई गयी बातो या सुझाव को अमल करने के बाद आपको कभी भी Google adsense application denied का सामना नहीं करना पड़े।

धन्यवाद्।

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